1
🔀 संधि (Joining of Sounds)
परिभाषादो वर्णों के निकट आने पर उनमें जो विकार होता है उसे संधि कहते हैं। संधि तोड़ना = संधि विच्छेद।
स्वर संधि
दो स्वरों के मिलने से। 5 प्रकार: दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण, अयादि।
देव + आलय = देवालय (दीर्घ)
सुर + ईश = सुरेश (गुण)
व्यंजन संधि
व्यंजन के बाद स्वर या व्यंजन आने पर।
सत् + जन = सज्जन
उत् + लास = उल्लास
दिक् + गज = दिग्गज
विसर्ग संधि
विसर्ग (:) के बाद स्वर या व्यंजन आने पर।
मन: + रथ = मनोरथ
नि: + संदेह = निस्संदेह
| संधि के उदाहरण | विच्छेद | प्रकार |
| विद्यालय | विद्या + आलय | दीर्घ स्वर |
| महेश | महा + ईश | गुण स्वर |
| महौषध | महा + औषध | वृद्धि स्वर |
| अत्यधिक | अति + अधिक | यण स्वर |
| सच्चरित्र | सत् + चरित्र | व्यंजन |
| दुराचार | दु: + आचार | विसर्ग |
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🧩 समास (Compound Words)
परिभाषादो या दो से अधिक शब्दों का संक्षेप में मेल समास कहलाता है। समास खोलना = समास विग्रह।
| समास | पहचान | उदाहरण | विग्रह |
| अव्ययीभाव | पूर्वपद प्रधान, अव्यय से शुरू | यथाशक्ति | शक्ति के अनुसार |
| तत्पुरुष | उत्तरपद प्रधान, कारक चिह्न लुप्त | राजपुत्र | राजा का पुत्र |
| कर्मधारय | दोनों पद एक ही विभक्ति, उपमा या विशेषण | नीलकमल | नीला है जो कमल |
| द्विगु | पूर्वपद संख्यावाची | त्रिभुज | तीन भुजाओं का समूह |
| द्वंद्व | दोनों पद प्रधान, और/या से जुड़ते | माता-पिता | माता और पिता |
| बहुव्रीहि | दोनों पद मिलकर तीसरे का बोध | नीलकंठ | नीला है कंठ जिसका (शिव) |
परीक्षा टिप — कर्मधारय vs बहुव्रीहिकर्मधारय: नीलकमल = नीला कमल (विशेषण-विशेष्य या उपमान-उपमेय) | बहुव्रीहि: नीलकंठ = नीला है कंठ जिसका — यानी शिव (तीसरे का बोध)। बहुव्रीहि में 'जिसका, जिसे, जिसने' आता है।
3
🔤 उपसर्ग और प्रत्यय
उपसर्गशब्द के आगे लगकर नया शब्द बनाने वाले अव्यय। | प्रत्यय — शब्द के पीछे लगता है।
| उपसर्ग | अर्थ | उदाहरण |
| अ / अन् | नहीं | अधर्म, अनपढ़, अनजान |
| वि | विशेष / अभाव | विकास, विदेश, विशेष |
| सु | अच्छा | सुविधा, सुरक्षा, सुपुत्र |
| दुर् / दुस् | बुरा/कठिन | दुर्भाग्य, दुराचार, दुस्साहस |
| प्र | आगे/अधिक | प्रकाश, प्रचार, प्रगति |
| परि | चारों ओर | परिवार, परिचय, परिणाम |
| बे (उर्दू) | बिना | बेकार, बेईमान, बेकाबू |
| ना (उर्दू) | नहीं | नालायक, नापसंद, नाकाम |
महत्वपूर्ण प्रत्यय
कृत् प्रत्यय (क्रिया से): पढ़+आई=पढ़ाई | लिख+आवट=लिखावट | बोल+ना=बोलना
तद्धित प्रत्यय (संज्ञा/विशेषण से): दिल्ली+वाला=दिल्लीवाला | मीठा+पन=मिठास | भारत+ईय=भारतीय
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🎙️ वाच्य (Voice)
परिभाषाक्रिया के जिस रूप से यह पता चले कि वाक्य में कर्ता, कर्म या भाव प्रधान है, उसे वाच्य कहते हैं।
| वाच्य | प्रधानता | उदाहरण |
| कर्तृवाच्य (Active) | कर्ता प्रधान | राम खाना खाता है। |
| कर्मवाच्य (Passive) | कर्म प्रधान | राम द्वारा खाना खाया जाता है। |
| भाववाच्य | भाव प्रधान, क्रिया अकर्मक | राम से बैठा नहीं जाता। |
वाच्य परिवर्तन नियम
कर्तृ → कर्म: कर्ता के साथ 'द्वारा/से' लगाएँ, कर्म को कर्ता बनाएँ, क्रिया 'जाना' क्रिया से बदलें।
राम पत्र लिखता है → राम द्वारा पत्र लिखा जाता है।
माँ खाना बनाती है → माँ द्वारा खाना बनाया जाता है।
भाववाच्य: केवल अकर्मक क्रिया, कर्ता के साथ 'से', क्रिया एकवचन पुल्लिंग।
वह नहीं चलता → उससे चला नहीं जाता।
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📐 वाक्य-भेद (Sentence Types)
परिभाषासार्थक शब्दों के व्यवस्थित समूह से जब पूरा अर्थ निकले तो उसे वाक्य कहते हैं।
रचना के आधार पर:
साधारण वाक्य
एक उद्देश्य, एक विधेय।
राम खाना खाता है।
संयुक्त वाक्य
दो साधारण वाक्य 'और, किंतु, परंतु, इसलिए' से जुड़े।
वह आया और चला गया।
मिश्र वाक्य
एक प्रधान + एक आश्रित उपवाक्य।
जो परिश्रम करता है वह सफल होता है।
अर्थ के आधार पर (8 प्रकार):
8 प्रकार
1. विधानवाचक: राम पढ़ता है। |
2. निषेधवाचक: राम नहीं पढ़ता। |
3. प्रश्नवाचक: क्या राम पढ़ता है? |
4. आज्ञावाचक: पढ़ो! |
5. विस्मयादिवाचक: वाह! क्या सुंदर फूल है! |
6. इच्छावाचक: ईश्वर तुम्हें दीर्घायु करे। |
7. संदेहवाचक: शायद वह आए। |
8. संकेतवाचक: यदि पढ़ोगे तो पास होगे।
6
💎 शब्द-भंडार (Vocabulary)
महत्वपूर्णबोर्ड परीक्षा में पर्यायवाची, विलोम, अनेकार्थी, मुहावरे और लोकोक्तियाँ प्रतिवर्ष पूछे जाते हैं।
| शब्द | पर्यायवाची |
| आकाश | गगन, अंबर, नभ, व्योम, आसमान |
| पानी | जल, नीर, वारि, तोय, अंबु |
| सूर्य | रवि, दिनकर, भानु, आदित्य, दिवाकर |
| रात | रजनी, निशा, यामिनी, शर्वरी |
| फूल | पुष्प, कुसुम, सुमन, प्रसून |
| मित्र | दोस्त, सखा, सहचर, संगी |
| शब्द | विलोम | शब्द | विलोम |
| आदि | अंत | आशा | निराशा |
| उचित | अनुचित | एकता | अनेकता |
| उत्कर्ष | अपकर्ष | कल्याण | अकल्याण |
| ज्ञान | अज्ञान | दिन | रात |
परीक्षा उपयोगी मुहावरे
आँखें चुराना — सामने न आना |
कान भरना — चुगली करना |
घाव पर नमक छिड़कना — दुखी को और दुखाना |
नमक-मिर्च लगाना — बढ़ा-चढ़ाकर बताना |
हाथ-पाँव मारना — कठिन प्रयास करना |
दाँत खट्टे करना — हराना
7
🗒️ अनुच्छेद-लेखन (Paragraph Writing)
परिभाषाकिसी एक विचार या विषय पर क्रमबद्ध रूप से लिखे गए 80–100 शब्दों के सुसंगठित वाक्यों को अनुच्छेद कहते हैं।
1
आरंभिक वाक्य (Topic Sentence)
अनुच्छेद का मुख्य विचार पहले वाक्य में स्पष्ट करें।
2
विकास (Development)
मुख्य विचार को उदाहरण, तथ्य, तर्क से विस्तार दें।
3
समापन वाक्य (Concluding Line)
विचार को संक्षिप्त और प्रभावी रूप से समेटें।
परीक्षा उपयोगी अनुच्छेद विषय
डिजिटल इंडिया | मेरा सपना | पर्यावरण और हम | स्वास्थ्य ही धन है | समय का महत्व | मोबाइल — वरदान या अभिशाप | भ्रष्टाचार एक समस्या | महिला सशक्तिकरण
8
💬 संवाद-लेखन (Dialogue Writing)
परिभाषादो या दो से अधिक व्यक्तियों के बीच हुई बातचीत को संवाद कहते हैं।
- प्रत्येक वक्ता का नाम लिखकर उसके संवाद अलग-अलग लिखें
- भाषा सरल, स्वाभाविक और विषयानुकूल होनी चाहिए
- संवाद का एक उद्देश्य होना चाहिए
- 5–6 संवाद (8–10 पंक्तियाँ) पर्याप्त हैं
नमूना संवाद — दो मित्रों के बीच परीक्षा की चर्चा
रवि: अरे सोहन! कल से परीक्षाएँ शुरू हो रही हैं, क्या तुमने तैयारी कर ली?
सोहन: हाँ रवि, मैंने सभी विषयों का अभ्यास कर लिया है। तुमने क्या किया?
रवि: मैंने गणित और विज्ञान तो कर लिए, लेकिन हिंदी में संधि-समास अभी भी कमज़ोर है।
सोहन: चिंता मत करो, मैं तुम्हें समझाता हूँ। आओ साथ में दोहराते हैं।
रवि: धन्यवाद सोहन! सच्चे मित्र का यही धर्म है।
9
📢 सूचना-लेखन और विज्ञापन-लेखन
सूचना — किसी घटना, कार्यक्रम या जानकारी को आधिकारिक रूप से बताना।
S
सूचना-लेखन प्रारूप
विद्यालय/संस्था का नाम | सूचना (शीर्षक) | दिनांक | मुख्य विषय (कब, कहाँ, क्या) | हस्ताक्षर + पदनाम
सूचना का नमूना
DAV विद्यालय, अंबरनाथ
सूचना
दिनांक: 15 जनवरी 2026
सभी विद्यार्थियों को सूचित किया जाता है कि 20 जनवरी को विद्यालय में वार्षिक पुरस्कार-वितरण समारोह आयोजित होगा। सभी विद्यार्थी श्वेत वर्दी में उपस्थित रहें।
— प्रधानाचार्य
विज्ञापन-लेखन — किसी वस्तु, सेवा या संस्था का प्रचार।
विज्ञापन के अंग
1. आकर्षक शीर्षक — पाठक का ध्यान खींचे |
2. मुख्य संदेश — उत्पाद की विशेषता |
3. चित्र/रेखांकन (यदि हो) |
4. संपर्क विवरण — पता, फोन |
5. नारा (Slogan) — यादगार पंक्ति
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🌹 काव्य-खंड — कक्षा 10
परीक्षा पैटर्नबोर्ड परीक्षा में काव्यांश की व्याख्या, भाव-सौंदर्य, अलंकार पहचान और कवि परिचय पूछा जाता है।
| कवि | काल | प्रमुख रचनाएँ | विशेषता |
| कबीरदास | भक्तिकाल (निर्गुण) | बीजक, साखी, सबद, रमैनी | सामाजिक सुधार, आडम्बर विरोध |
| मीराबाई | भक्तिकाल (सगुण) | मीरा-पदावली | कृष्णभक्ति, विरह-भावना |
| तुलसीदास | भक्तिकाल | रामचरितमानस, विनय पत्रिका | राम-भक्ति, समन्वय |
| सूरदास | भक्तिकाल | सूरसागर, सूर-सारावली | वात्सल्य और शृंगार |
काव्यांश व्याख्या कैसे लिखें
1. संदर्भ: कवि का नाम, काव्य-संग्रह, प्रसंग
2. प्रसंग: 1-2 पंक्तियों में पृष्ठभूमि
3. व्याख्या: पंक्तियों का सरल अर्थ
4. विशेष: अलंकार, भाषा, छंद, रस
5. भाव: कवि का मुख्य संदेश
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📚 गद्य-साहित्य — कक्षा 10
गद्य-विधाएँकक्षा 10 में कहानी, संस्मरण, यात्रा-वृत्तांत और रेखाचित्र मुख्यतः पढ़े जाते हैं।
| विधा | परिभाषा | विशेषताएँ |
| कहानी | काल्पनिक या यथार्थ घटनाओं का वर्णन | पात्र, कथानक, संवाद, चरमोत्कर्ष, शिक्षा |
| संस्मरण | बीती यादों का लेखन | व्यक्तिगत अनुभव, भावुकता, आत्मीयता |
| यात्रा-वृत्तांत | यात्रा का विवरण | स्थान-वर्णन, रोचकता, जानकारी |
| रेखाचित्र | किसी व्यक्ति का चित्रण शब्दों में | व्यक्तित्व, भाव-चित्रण, जीवंतता |
परीक्षा टिपगद्यांश पढ़ते समय मुख्य विचार, कठिन शब्द और शीर्षक पहले ढूँढें। उत्तर हमेशा अपने शब्दों में लिखें। प्रश्न में जितने अंक, उतने बिंदु लिखें।